संघर्ष करना ही जीवन का दूसरा नाम है – inspiring Story

आपने एक-दो नही अनेको बार इस बात पर जरूर गौर किया होगा कि किसी व्यक्ति को पहले प्रयास में ही सफलता मिल जाती है तो किसी अन्य व्यक्ति को अनेको प्रयास करते रहने से सफलता देरी से मिल पाती है उचाईयो को छू जाने वाले व्यक्तियो में हमसे अलग कुछ भी नही होता

क्योकि सफलता की दौड़ में हम जितने का प्रयास हम सभी कर रहे होते है हा जो लोग सफल है उनका कार्य करने का तरीका हमसे अलग होता है जिसके कारण उन्हें सफलता मिलती है इसका अर्थ ये नही है कि उन्होंने सफल उन्होंने सफल होने के लिए संघर्ष नही किया या उनके जीवन मे किसी प्रेकार की कठिनाई नही आई

उन्होंने जो किया अपने जीवन मे सभी चीजो का प्रयोग करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया संघर्ष के बिना जीवन मे कुछ भी संभव नही है यह सत्य है कि जब मनुष्य जीवित है तब तक उसका संघर्ष जारी रहता है संघर्ष हमे जीवन को जीने की मजबूती देता है संसार मे कोई भी हो चाहे मनुष्य जीव या प्रकृति जीवन मे संघर्ष का सामना सभी को करना पड़ता है संघर्ष के बाद हमे जो प्राप्त होता है उसका फल बहुत मीठा होता है

इसके ऊपर आज में आपको एक कहानी बताने जा रहा हु इस कहानी से हमे ये सिख मिलेगी की संघर्ष के आगे धुटने टेकने वालो को केवल हर मिलती है और जो डटकर इसका सामना करता है उन्हें सफलता पाने से कोई नही रोक सकता

 

एक समय की बात है जब एक बिजनेसमैन पूरी तरह से डूब गया था वह पूरी तरह से हताश होकर जंगल मे गया और काफी देर वहां अकेले बैठा रहा कुछ सोचकर भगवान से बोला में है हार चुका हूं मुझे एक बजह बताइये की में हताश क्यो ना होउ मेरा सब कुछ खत्म हो चुका है

भगवान ने जवाब दिया तुम जंगल मे इस घास ओर बांस के पेड़ को देखो जब मैंने इस  घास ओर  बांस को लगाया मैंने दोनों की देखभाल की बराबर पानी दिया बराबर प्रकाश दिया घास बहुत जल्दी बड़ी होने लगी और इस घरती को हर भरा कर दिया लेकिन बांस का बीज बड़ा नही हुआ लेकिन मैंने बांस के लिए अपनी हिम्मत नही हारी

भगवान ने बोलना जारी रखा दूसरे साल  घास ओर घनी हो गई उस पर झाड़ियां आने लगी लेकिन बांस के बीज में कोई ग्रोथ नही हुई लेकिन मैंने फिर भी बांस के बीज के लिए हिम्मत नही हारी तीसरे साल भी बांस के बीज में कोई व्रद्धि नही हुई लेकिन मित्र मैन फिर भी हिम्मत नही हारी चौथे साल भी कोई ग्रोथ नही हुई लेकिन में लगा रहा

भगवान ने कहा पांच साल बाद बांस के बीज से एक छोटा सा पौधा अंकुरित हुआ घास की तुलना में यह बहुत छोटा और कमजोर था लेकिन केवल 6 महीने बाद यह छोटा सा पौधा 100 फिट लम्बा हो गया मैंने बांस की जड़ को इतना बड़ा इतना बड़ा करने के लिए पांच साल लगाया

इस पांच सालों में इसकी जड़ इतनी मजबूत हो गई कि 100 फिट के ऊंचे बांस को संभाल सके जब भी आपको लगे कि आपको जीवन मे बहुत संघर्ष करना पड़ रहा है तो समझ लीजिए कि आपकी जड़ मजबूत हो रही है इसी लिए कभी हार ना माने

कुछ करने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के लिए इस दुनिया मे कुछ भी असंभव नही है जो चाहेगा कर सकता है

इसलिए हमेशा अपने जीवन मे संघर्ष जारी रखिये क्योकि संघर्ष करना ही जीवन का दूसरा नाम है एक बार किसी ने स्वामी विवेकानंद जी से पूछा की सब कुछ खोने से ज्यादा बुरा क्या हो सकता है तब स्वामी जी ने जबाब दिया

सब कुछ खो देने से ज्यादा बुरा उस उम्मीद को खो देना होता है जिससे हम सब कुछ प्राप्त कर सकते है

इसलिए अपने जीवन से उस उम्मीद को कभी समाप्त मत होने देना में आशा करता हु की आपको जीवन के इस संघष भरे कहानी से कुछ सीखने को जरूर मिल होगा तो अगर आप किसी target को लेके चल रहे है

और आप उसमे असफल हो रहे है तो आप समझ जाइये आपकी जड़ मजबूत हो रही है अगर आप पीछे हट गए तो आप कुछ नही कर सकते जीवन मे क्योकि जीवन मे ऐसा कोई काम नही है जिसमे आपको संघष ना करना पड़े

कई लोग इस संघष को जीवन का एक हिस्सा मानते है और इसे अपना लेते है जो ऐसा करते है वो अपने जीवन मे कुछ भी प्राप्त कर सकते है उसके लिए सब आसान है आज बस इतना ही अगर आपको ये life motivation story  अच्छी लगी है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर share करे

Thank you

Updated: January 22, 2019 — 5:02 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AnupamSrivastav © 2019 Contact Us